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जब रात तारे सजाने लगे समझ लेना मैं पास हूँ


जब रात तारे सजाने लगे समझ लेना मैं पास हूँ


जब रात तारे सजाने लगे
समझ लेना मैं पास हूँ 
जब ठंडी हवा मन बहकाने लगे
समझ लेना मैं पास हूँ

जब बाऱिश की बूंदें तनहा महसूस कराने लगे
समझ लेना मैं पास हूँ
जब बाहें किसी को छूना चाहें
समझ लेना मैं पास हूँ

जब लबों को लबों की प्यास की हो
समझ लेना मैं पास हूँ
जब धड़कनें दिल को धड़काने लगे
समझ लेना मैं पास हूँ

जब तेरे प्यार को मेरे प्यार से प्यार हो जाये
समझ लेना मैं पास हूँ
जब तेरी रुह मेरी रुह को पुकारने लगे
समझ लेना मैं पास हूँ...
जब रात तारे सजाने लगे समझ लेना मैं पास हूँ जब रात तारे सजाने लगे समझ लेना मैं पास हूँ Reviewed by Bhagyesh Chavda on April 10, 2017 Rating: 5

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