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Shayari When You Love Someone But Can Not Propose Her


Shayari When You Love Someone But Can Not Propose Her


बेवक्त

बेवजह
बेसबब सी
बेरुखी तेरी..
और फिर भी तुझे बेइन्तहाँ
चाहने की 
बेबसी मेरी...!!!


हम तो बस लिख देते हैं जहन में आ जाता है जो,
... जुड़ जाता है आपके दिल से तो,
बस महज इत्तेफाक समझिये...


ज़िंदगी में बार बार सहारा नही मिलता,
बार बार कोई प्यार से प्यारा नही मिलता,
है जो पास उसे संभाल के रखना,
खो कर वो फिर कभी दुबारा नही मिलता…


ज़हर से ज्यादा खतरनाक है ये मुहब्बत
.... ज़रा सा कोई चख ले तो
मर-मर के जीता ह


नाम तो लिख दू उसका अपनी हर शायरी के साथ,,,,
मगर फिर ख्याल आता है,,,,,,
मासूम सा है सनम मेरा कही बदनाम ना हो जाये,,,,,,


तुम्हें नींद
नहीं आती तो कोई और वजह
होगी..
अब हर ऐब के लिए कसूरवार हम और हमारा इश्क
तो नहीं....?


मन्नत से तो मुझे सब कुछ मिल ही जायेगा ऐ खुदा, तू मुझे वो दे जो मेरी किस्मत में ही ना हो । 

वो मुझसे दूर रहकर गर खुश है तो खूश रहने दो उसे,
मुझे वैसे भी उसकी चाहत से
ज़्यादा मुस्कुराहट पसंद
है.. 

लेकर आना उसे मेरे जनाजे में .. 
एक आखरी हसीन मुलाकात होगी . 
मेरे जिस्म में जान न हो मगर .
मेरी जान तो मेरे जिस्म के पास होगी


प्यार करते हैं ईसी लिये तुम्हारे लिए मर सकते हैं..
वरना हमारी जान लेने की ताकत, ना सुल्तानो में है और ना ही बादशाहो में...


"बात किस्मत पे आ कर रुक गयी वरना... 
कोई कसर नही छोड़ा था तुझे चाहने में.."


किसी टूटे हुए मकान की तरह हो गया है ये दिल,
कोई रहता भी नही, 
और कमबख्त बिकता भीनही

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