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Heart Touching Shayari on Kagaz ki Naav


Heart Touching Shayari on Kagaz ki Naav


बड़ी बड़ी लहरों से वो बच के निकल गयी,
तुफानो को धोका देके, बहकी लेकिन संभल गयी,
बस इतनी सी बात समंदर को खल गयी,
एक काग़ज़ की नाँव मुझपे कैसे चल गयी।
Heart Touching Shayari on Kagaz ki Naav Heart Touching Shayari on Kagaz ki Naav Reviewed by Bhagyesh Chavda on March 11, 2016 Rating: 5

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