सारी उम्र आंखो मे एक सपना याद रहा
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सारी उम्र आंखो मे एक सपना याद रहा



सारी उम्र आंखो मे एक सपना याद रहा,

सदियाँ बीत गयी पर वो लम्हा याद रहा,
ना जाने क्या बात थी उस शख्स में की हम
सारी मेहफिल भुल गये बस वह चेहरा याद रहा..!!


यूँ तो सिखाने को जिंदगी बहुत कुछ सिखाती है,

मगर, झूठी हंसी हसने का हुनर तो मोहब्बत ही सिखाती है..


सारी उम्र आंखो मे एक सपना याद रहा सारी उम्र आंखो मे एक सपना याद रहा Reviewed by Bhagyesh Chavda on March 01, 2016 Rating: 5

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