RAHATE HE SATH SATH - Hindi Shayari
Follow us on Facebook

RAHATE HE SATH SATH

RAHATE HE SATH SATH

रहते हैं साथ साथ, मैं और मेरी तन्हाई,
करते हैं राज़ की बात, मैं और मेरी तन्हाई,
दिन गुज़र जाता है, लोगों की भीड़ में,
करते हैं बसर रात में, मैं और मेरी तन्हाई !
RAHATE HE SATH SATH RAHATE HE SATH SATH Reviewed by Bhagyesh Chavda on January 19, 2016 Rating: 5

No comments:

Advertisement

Powered by Blogger.