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Miss you Lot's

Miss you Lot's


इतना क्यूँ चाहा उसे कि भुला न सके,
इतना क्यूँ पास आए कि दूर जा न सके,
अब तन्हाई में बैठे ये सोचती हूँ...
क्यूँ चाहा उसे जिसे कभी पा न सके !

Miss you Lot's Miss you Lot's Reviewed by Bhagyesh Chavda on January 29, 2016 Rating: 5

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