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Tere intazar me ye najare juki he

Tere intazar me ye najare juki he

तेरे इंतज़ार में ये नज़रें झुकी है,
तेरे चेहरे की झलक देखने की आस है,
न जानूँ तेरा नाम, न तेरा पता,
पर दिल में अनजानी सी बेचैनी जगी है !


Tere intazar me ye najare juki he Tere intazar me ye najare juki he Reviewed by Bhagyesh Chavda on November 17, 2015 Rating: 5

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