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नया दर्द एक और दिल में जगा - Dard Shayari



नया दर्द एक और दिल में जगा कर चला गया,
कल फिर वो मेरे शहर में आकर चला गया,
जिसे ढूंढ़ता रहा मैं लोगों की भीड़ में,
मुझसे वो अपने आप को छुपा कर चला गया।
नया दर्द एक और दिल में जगा - Dard Shayari नया दर्द एक और दिल में जगा - Dard Shayari Reviewed by Bhagyesh Chavda on October 16, 2015 Rating: 5

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