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Dil ke lahu ki syahi

दिल के लहू को श्याही
सासों को कागज बना ,
इबादत-ऐ-मोहब्बत लिख दी, हमने,जिंदगी भर के लिए
तस्तरी में भरे पानी में चमकता हुआ चाँद
दूर होते हुए भी ,जितना करीब
रहता है
मोहब्बत -ऐ-अंजाम में वो सख्श आज भी
मेरे उतना ही करीब है ।।


Dil ke lahu ki syahi Dil ke lahu ki syahi Reviewed by Bhagyesh Chavda on September 24, 2015 Rating: 5

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